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उपलब्धियां

>> Tuesday, January 26, 2010



मेरा  भारत महान  है
देश भर  में बस यही गान है
मेरा भारत महान है.




गणतंत्र  बना भारत जब
तब जनता मुस्काई थी
अब तंत्र  बचा केवल भारत
तब  जनता को सुधि आई थी
गण  को भूल गए नेता
बस कुरसी ही उनकी जान है
मेरा भारत महान है.

भूखी  जनता औ भूखा देश
दो टूक कलेजे पर होता द्वेष 
 धारण कर रखा सात्विक वेश
हो गया खोखला भारत देश
पर झोली फैला कर नेता
समझ रहे अपना मान हैं
मेरा भारत महान है .

पढ़ लिख कर आज भविष्य
बेकार दिखाई देता है
इन बेकारों की खरीद - फरोख्त से
ईमान बिकाऊ  होता है
चन्द  सिक्कों की खातिर इनका
गद्दारी करना  काम है
मेरा भारत महान है .

कुर्सी के चक्कर में नेता
भूल - भुलैया  घूम रहे
किस दल  का बल अच्छा है
ध्यान लगा कर सूंघ रहे
दल  बदलू नेताओं से
अब जनता परेशान है
मेरा  भारत महान है .

दल बदल कर भी नेता
जब चुनाव  हार गया
तो उस दल के नेता ने
उसे राज्यपाल बनवा दिया
जनता की है किसको फ़िक्र
बस कुर्सी ही उनका जहान है
मेरा भारत महान है

आज ना जाने राजनीति में
कैसी खिचड़ी पक रही
भारत की जनता चुप चाप
निष्ठुर  कानूनों  को सह रही
यहाँ नेता - नेता की झोली में
एक - एक हवाला  कांड है
मेरा भारत महान है..

12 comments:

shikha varshney 1/26/2010 12:42 AM  

samay par sahi jagah chot ki hai di!...achcha vyang hai....karara.

rashmi ravija 1/26/2010 1:04 AM  

बहुत ही बढ़िया लिखा है..ये सारी विसंगतियां हैं...फिर भी हम कहते हैं..अपना भारत महान...बढ़िया व्यंग है

महफूज़ अली 1/26/2010 1:09 AM  

बहुत ही सशक्त व्यंगात्मक रचना ....


गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं0........

Udan Tashtari 1/26/2010 5:28 AM  

बहुत सटीक!!

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ.

मनोज कुमार 1/26/2010 7:18 AM  

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

Apanatva 1/26/2010 9:16 AM  

sote bhartiyo ko jagane ka accha prayas..........
aaj kee rajneeti ko aaina dikhatee rachana man par asar chod gayee........
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.......

अनामिका की सदाये...... 1/26/2010 9:43 AM  

संगीता जी गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाये.
आपकी पोस्ट पढ़ कर और अपने देश की सच्चाई का आइना देख कर मन दुखी और उग्र हुआ. हमारे देश के नेताओ ने देश की व्यवस्था कितनी खराब कर दी है.

आज के हालात पर कड़ा प्रहार किया है.

अच्छी रचना . बधाई.

संजय भास्कर 1/26/2010 12:42 PM  

बहुत ही सशक्त व्यंगात्मक रचना ....


गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं0........

निर्मला कपिला 1/27/2010 10:44 AM  

सशक्त व्यंग । इतनी विसंग्तियों मे भी जो महान है --जय हिन्द

शोभना चौरे 1/27/2010 12:40 PM  

bahut hi sttek varnan aaj ki samyikta ka .

शोभना चौरे 1/27/2010 12:40 PM  

bahut hi sttek varnan aaj ki samyikta ka .

Stevenwlur 11/16/2012 8:23 AM  

sote bhartiyo ko jagane ka accha prayas.......... aaj kee rajneeti ko aaina dikhatee rachana man par asar chod gayee........ गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें.......

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