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नीला आसमान

>> Wednesday, December 24, 2008





मैं -


आसमान हूँ ,


एक ऐसा आसमान


जहाँ बहुत से


बादल आ कर


इकट्ठे हो गए हैं


छा गई है बदली


और


आसमान का रंग


काला पड़ गया है।



ये बदली हैं


तनाव की , चिंता की


उकताहट और चिडचिडाहट की


बस इंतज़ार है कि


एक गर्जना हो


उन्माद की


और -


ये सारे बादल


छंट जाएँ



जब बरस जायेंगे


ये सब तो


तुम पाओगे


एक स्वच्छ , चमकता हुआ


नीला आसमान.

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ख्वाहिश मौत की

>> Wednesday, November 12, 2008

यूँ तो हर आँख
यहाँ बहुत रोती है
हर बात हद से गुज़र जाए
तो बुरी होती है
ज़िन्दगी को हर पल
मापना ज़रूरी है
वरना ये ज़िन्दगी
हर भार से भारी होती है।
हमने मार डाला है आज
अपने हाथों से सारे ज़ज्बातों को
क्यों कि ज़ज्बातों से भारी
फ़र्ज़ की ज़िम्मेदारी होती है
यूँ ही फ़र्ज़ निबाहते हुए
रीत जायेगी ये ज़िन्दगी
जिंदा रहने के लिए
ये साँस भी ज़रूरी होती है
साँसों का ये दौर
यूँ ही चले भी तो क्या है
मौत की ख्वाहिश होते हुए भी
जिंदा रहना भी एक मजबूरी होती है.

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हमारी वाणी

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