copyright. Powered by Blogger.

लोकार्पण अनमोल संचयन पुस्तक का

>> Tuesday, February 2, 2010


"अनमोल संचयन "
ये पुस्तक ३१ कवियों की कविताओं का काव्य कलश है जो रश्मि प्रभा जी द्वारा संगृहीत है.
इसका विमोचन   पदमश्री    श्री  बाल स्वरुप राही  जी के द्वारा  १९ वें विश्व  पुस्तक मेला  में ३१  जनवरी  २०१० को प्रगति  मैदान  दिल्ली में संम्पन्न हुआ.


जिस कविता को मंच पर मैंने पढ़ा था वो मैं यहाँ प्रेषित कर रही हूँ...  ये  सुझाव मुझे अदा जी ने दिया है...    शुक्रिया अदा .


ज्ञान चक्षु खोल कर


विज्ञान का विस्तार कर


जा रहे हो कौन पथ पर


देखो ज़रा तुम सोच कर।






कौन राह के पथिक हो


कौन सी मंजिल है


सही डगर के बिना


मंजिल भी भटक गई है।






अस्त्र - शस्त्र निर्माण कर


स्वयं का ही संहार कर


क्या चाहते हो मानव ?


इस सृष्टि का विनाश कर ।






विज्ञान इतना बढ़ गया


विनाश की ओर चल दिया


धरा से भी ऊपर उठ


ग्रह की ओर चल दिया ।






हे मनुज ! रोको कदम


स्नेह से भर लो ये मन


लौट आओ उस पथ से


हो रहा जहाँ मनुष्यता का पतन।





23 comments:

दीपक 'मशाल' 2/02/2010 1:57 AM  

बहुत खुशी हुई विमोचन की तस्वीरें देखकर संगीता मैम... आपका बहुत बहुत शुक्रिया व बधाई...
जय हिंद...

sangeeta swarup 2/02/2010 8:39 AM  

rekhaprahalad at 7:19am
(Abhinandan aur shubhkamnayen!

sangeeta swarup 2/02/2010 8:40 AM  

kavya.manjusha at 3:00am



bahut hi badhiya laga dekh kar..
ada

sangeeta swarup 2/02/2010 10:50 AM  

girraj141 at 10:25am


I am very happy to see my friend Mrs Sangeeta in a Vimochan of book. God bless you Golden Future.

sangeeta swarup 2/02/2010 11:37 AM  

Dr. Taru said

Thank you so much Sangeeta JI......for bringing these photographs for us....
its a great pleasure to see some ppl ...like Anamika Di, Anil ji,Swapnil and Avinash..
i wish i was there......
khair....once again thank you..

sangeeta swarup 2/02/2010 1:48 PM  

Mr. Swarup said --

pswarup8 at 11:57am


Very gud show of conviction,confidance and dedication !!! Wish all the very best in time to come.

GAURAV VASHISHT 2/02/2010 2:21 PM  

it was very sweet experience to c all the pics, of the special occation, thnx A ton Di

shikha varshney 2/02/2010 2:34 PM  

oye hoye Splendid ...wish I would be there too..........congrates to you ,to me, and everybody.:)

rashmi ravija 2/02/2010 2:43 PM  

बहुत बहुत बधाई,सभी कवि कवियत्रियों को....बहुत सुन्दर तस्वीरें हैं

sangeeta swarup 2/02/2010 3:39 PM  

रश्मि प्रभा जी ने कहा...

rasprabha at 3:31pm

abhibhut hun ab tak aur aapki ye tasweeren awismarniye

दिगम्बर नासवा 2/02/2010 5:55 PM  

बधाई बहुत बहुत ...... बहुत खुशी हुई विमोचन की तस्वीरें देखकर ............ सब चित्र बहुत अच्छे हैं ...........

अनामिका की सदाये...... 2/02/2010 6:04 PM  

avismarniye yaadgaar....jo hamesha sath rahegi. aur jo time hamne enjoy kiya vo bhi.

Avinash Chandra 2/02/2010 8:01 PM  

Sab de rahe hain...socha main bhi fir se badhayee de dun... :)

Aap logon mil saka, mujhe iski bahut khushi hai.

Pranam

sangeeta swarup 2/02/2010 9:54 PM  

rachanadixit at 9:17pm



vaah sangita ji accha slide show hai pr ye pta nahin chala kiski book ka vimochan tha

महफूज़ अली 2/02/2010 10:00 PM  

मैं अपने पिता की बरसी में बिजी था... इसीलिए दिल्ली नहीं आ पाया... रश्मि मम्मी जी... मुझे माफ़ करियेगा....

कविता बहुत सुंदर लगी.... आपसे भी माफ़ी चाहता हूँ.... मम्मी से भी वादा किया था...दिल्ली आने का... पर मजबूरीवश नहीं आ पाया....


नोट: लखनऊ से बाहर होने की वजह से .... काफी दिनों तक नहीं आ पाया ....माफ़ी चाहता हूँ....

JHAROKHA 2/02/2010 10:30 PM  

हे मनुज ! रोको कदम

स्नेह से भर लो ये मन

लौट आओ उस पथ से

हो रहा जहाँ मनुष्यता का पतन। आदरणीया संगीता जी, पुस्तक प्रकाशन और विमोचन के लिये हार्दिक बधाई स्वीकारें। आपकी यह रचना बहुत ही सन्देश्परक है। पूनम

दिगम्बर नासवा 2/03/2010 4:28 PM  

विज्ञान इतना बढ़ गया
विनाश की ओर चल दिया
धरा से भी ऊपर उठ
ग्रह की ओर चल दिया ....

सच्चाई है ...... जब विग्यान एक हद से ज़्यादा उन्नति कर लेता है तो उसका विनाश ..... या सबका विनाश निश्चित है ..... बहुत अच्छी रचना है आपकी .......

रश्मि प्रभा... 2/03/2010 8:29 PM  

in khushiyon ka srot, yah veg kahin ,kabhi na ruke

sangeeta swarup 2/03/2010 9:56 PM  

आप सबने कहा...


nirmla.kapila at 7:56pm
बहुत अच्छा लगा ये कार्यक्रम धन्यवाद


vk.mini.sharma at 10:28am
वास्तव में बहुत आच्छा लगा कार्यक्रम तो वास्तव में बहुत ही रोचक रहा होगा जिसमें इतने बड़े विदवान थे


sadhana.vaid at 7:31am


Congratulations Sangeetaji The pictures are very nice. All my best wishes are with you .

शोभना चौरे 2/07/2010 3:47 PM  

बहुत ही अच्छा लगा कार्यक्रम में आपको कविता पाठ करते हुए देखकर |कुछ व्यक्तिगत कारणों से दिल्ली नहीं आ पाने का का अफ़सोस हमेशा रहेगा और आपसे और रश्मिजी से मिलने का सुअवसर भी निकल गया |और इसी के कारन बहुत देर बाद ही आपका ब्लॉग भी देख पाई |बधाई |
अगली बार मिलने कि प्रतीक्षा में .....
शोभना

शेफाली पाण्डे 6/04/2010 6:40 PM  

badhai...sangeeta ji...t v par to dekh hee liya tha...aaj anamika ji se baat huee to link bhi mil gaya...

Post a Comment

आपकी टिप्पणियों का हार्दिक स्वागत है...

आपकी टिप्पणियां नयी उर्जा प्रदान करती हैं...

आभार ...

हमारी वाणी

www.hamarivani.com

About This Blog

आगंतुक


ip address

  © Blogger template Snowy Winter by Ourblogtemplates.com 2009

Back to TOP