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आखिर बुरा क्या है ?

>> Tuesday, March 2, 2010




मन के दरख्त पर



जमा ली हैं


ख्वाहिशों ने अपनी जड़ें


और जा रही हैं


फलती फूलती


अमर बेल की तरह


उत्तरोत्तर .




रसविहीन दरख्त


मौन है


बना हुआ पंगु सा


जब होगा एहसास


हकीकत का


तो हो जाएँगी


सारी बेलें


धूल धूसरित .




मन ने सोचा कि


ख्वाहिशों की ख्वाहिश


पलने दो


अंत में तो


मिटटी ही नसीब है


कुछ पल खुश होने में


आखिर बुरा क्या है ?


 
 
 

23 comments:

shikha varshney 3/02/2010 6:31 PM  

बिलकुल दी कुछ भी बुरा नहीं है..छोटी सी जिन्दगी है एक एक पल की खुशियों के मायने हैं ..बाकि तो जीवन भी एक दिन मिटटी ही पाना है...
जीवन का फलसफा समझती खुबसूरत रचना

विजयप्रकाश 3/02/2010 6:51 PM  

वाह...बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

Apanatva 3/02/2010 7:06 PM  

gahraee bhare bhav liye hai aapkee ye rachana......khushiyo ke pal sanjo ke rakhe ja sakte hai andhere me prakash ka bhan dete hai ...........

निर्मला कपिला 3/02/2010 7:32 PM  

बिलकुल सही कहा छोटी सी जिन्दगी को खुशी से जी लेने मे ही जीवन की सार्थकता है। बहुत अच्छी लगी कविता
शुभकामनायें

M VERMA 3/02/2010 7:38 PM  

कुछ पल खुश होने में
आखिर बुरा क्या है ?
ठीक ही है क्या पता यह खुशी स्थाई ही हो

RaniVishal 3/02/2010 8:31 PM  

Behad sundar abhivyakti hai....kahate hai ki Will power is the biggest power in the world !! Sapano ko sakaar karane ke liye unki khawaish hona to jaruri nahi isame kuch bura nahi .....is sundar rachana ke liye dhanywaad!

अनामिका की सदाये...... 3/02/2010 8:44 PM  

सच कहा आपने कुछ पल खुश होने में बुरा क्या है..वरना आज कल इस भाग-दौड़ और त्रासदियो से भरी जिन्दगी में सबसे मुश्किल ख़ुशी के दो पल बटोर पाना ही है....ख्वाहिशो की ख्वाहिश में ही सही..कुछ पल तो मिलेंगे ख़ुशी के..

JHAROKHA 3/02/2010 9:14 PM  

मन ने सोचा कि
ख्वाहिशों की ख्वाहिश
पलने दो
अंत में तो
मिटटी ही नसीब है
कुछ पल खुश होने में
आखिर बुरा क्या है ?

Adaraneeya Sangeeta jee,
aapane is rachana men bahut kam shabdon men ek jeevan darshan ko paribhashit kiya hai. sundar kavita.
Vilamb se hee sahee---Holee kee hardik shubhakamnayen.
Poonam

रश्मि प्रभा... 3/02/2010 9:43 PM  

दिनोदिन ख़्वाबों ख्यालों की दराख्तें हरी भरी हो रही हैं ,रसविहीन हो ही नहीं सकती

रोहित 3/02/2010 10:19 PM  

yahi to satat jivan ka sandesh hai....
khushio ke sang jeena hi to sarthak jeevan ka udaisya hai,
anyatha nirasha se ghir kar apne hi kushio ka gala ghotna sahi jevan ka parichayak nahi.
---------------------
maa'm,
dhanyawaad aapko,
is dil chune waali rachna ke liye,
jo hume sarthak jevan ka sandesh deti hai.
aadar sahit,
ROHIT

हिमांशु । Himanshu 3/03/2010 7:14 AM  

एकदम से सच्ची बात ! क्षण-क्षण जिन्दादिली और चाह-खुशी के साथ जीना जरूरी है इस छोटी-सी जिन्दगी के लिये ।
बेहतरीन रचना । आभार ।

विनोद कुमार पांडेय 3/03/2010 7:18 AM  

सुंदर अभिव्यक्ति.....बढ़िया रचना...

वाणी गीत 3/03/2010 7:38 AM  

कुछ पल ही नहीं ...हर पल खुश रहने में बुरा क्या है ....
बड़ी खुशियों के पीछे भागते अपने आस पास बिखरी छोटी खुशियों को जी ले तो जीवन भी बुरा क्या है ...क्षणभंगुर ही सही ...

अच्छी रचना ...!!

Udan Tashtari 3/03/2010 8:36 AM  

बढ़िया रचना!

संजय भास्कर 3/03/2010 10:31 AM  

हर रंग को आपने बहुत ही सुन्‍दर शब्‍दों में पिरोया है, बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

महफूज़ अली 3/03/2010 11:32 AM  

सबसे पहले तो आपको होली की बहुत बहुत शुभकामनाएं....

ख्वाहिशों की ख्वाहिश


पलने दो


अंत में तो


मिटटी ही नसीब है...


इन सत्य पंक्तियों ने दिल को छू लिया...

दिगम्बर नासवा 3/03/2010 12:10 PM  

सच है कुछ पलों के लिए जीवन में खुशी मिल रही है तो कुछ भी बुरा नही .......
चाँद लम्हों की खुशियों में कई बार जीवन भर की खुशियाँ मिल जाती हैं ...
बहुत लाजवाब रचना है ...

makrand 3/03/2010 2:04 PM  

well written and edited too

dipayan 3/03/2010 5:24 PM  

"मन ने सोचा कि
ख्वाहिशों की ख्वाहिश
पलने दो
अंत में तो
मिटटी ही नसीब है
कुछ पल खुश होने में
आखिर बुरा क्या है ?"

बहुत सुन्दर कविता ।

वन्दना 3/03/2010 6:17 PM  

kitni gahan aur sarthak baat kahi hai........amazing...........dil ko chhoo gayi rachna.

rashmi ravija 3/03/2010 6:30 PM  

ख्वाहिशों की ख्वाहिश
पलने दो
अंत में तो
मिटटी ही नसीब है
कुछ पल खुश होने में
आखिर बुरा क्या है ?

बिलकुल सही कहा...कुछ पल को ही सही... ख़ुशी के पल जी लेने में हर्ज़ ही क्या है....
सुन्दर रचना हमेशा की तरह

Babli 3/05/2010 1:16 PM  

वाह बहुत ही सुन्दर और भावपूर्ण रचना प्रस्तुत किया है आपने! दिल को छू गयी आपकी ये शानदार रचना! बधाई!

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